लखनऊ में मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने वसंत कुंज से चौक तक सॉइल टेस्टिंग के सैंपल लेने के साथ ही 40% ‘ग्राउंड लेवल वर्क’ भी पूरा कर लिया है। इसके बाद इस परियोजना के लिए पब्लिक इंवेस्टमेंट बोर्ड (पीआईबी) से मंजूरी मिलने की उम्मीद है, और फिर टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
इस मेट्रो परियोजना की डीटेल्ड प्रॉजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है, और अब यह केंद्रीय कैबिनेट और पीआईबी से स्वीकृति की प्रक्रिया में है। यूपीएमआरसी के अधिकारियों का कहना है कि पीआईबी की बैठक दिल्ली में इसी महीने होनी है, जिसमें ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा जाएगा। माना जा रहा है कि इसे मंजूरी मिल जाएगी, जिससे टेंडर प्रक्रिया को गति मिलेगी।
यूपीएमआरसी ने इस परियोजना को चार साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा है, जबकि सामान्य अनुमान छह साल का है। इसके लिए ग्राउंड वर्क पहले से शुरू कर दिया गया है, ताकि निर्माण के दौरान समय की बचत हो सके। इस परियोजना का ग्राउंड लेवल वर्क करीब 1.5 करोड़ की लागत से किया जा रहा है, जिसमें सॉइल टेस्टिंग, टोपोग्राफी और यूटिलिटी डायवर्जन की रिपोर्ट तैयार की जा रही है।