क्रिकेट बुलेटिन: पर्थ टेस्ट में विकेटों की झड़ी और टी20 में कोहली का ‘स्मार्ट’ गेम

ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच 21 नवंबर से एशेज सीरीज का रोमांच शुरू हो गया है। इस बार मेजबानी का जिम्मा ऑस्ट्रेलिया के पास है, लेकिन उनके नियमित कप्तान पैट कमिंस चोट के कारण पहले मैच का हिस्सा नहीं हैं। उनकी गैरमौजूदगी में स्टीव स्मिथ टीम की कमान संभालते हुए नजर आ रहे हैं। पर्थ की तेज और उछाल भरी पिच पर पहले ही दिन जो कुछ घटा, वह एशेज के पिछले 100 सालों के इतिहास में कभी नहीं देखा गया था। मैच के पहले ही दिन कुल 19 विकेट गिरे। तेज गेंदबाजों ने इस कदर कहर बरपाया कि दोनों ही टीमों के बल्लेबाज क्रीज पर टिकने के लिए भारी संघर्ष करते दिखे।

स्टार्क और स्टोक्स का घातक स्पेल टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लिश टीम महज 172 रनों पर सिमट गई। तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने अपनी धारदार गेंदबाजी से 7 विकेट चटकाए। इंग्लैंड की तरफ से हैरी ब्रूक ने पारी को कुछ हद तक संभाला और तेजी से रन बटोरते हुए 61 गेंदों में 5 चौकों और 1 छक्के की मदद से 52 रन बनाए। ऑली पोप ने भी उनका साथ देते हुए 46 रनों का अहम योगदान दिया। लेकिन इसके जवाब में उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की हालत भी कुछ अलग नहीं रही। दिन का खेल खत्म होने तक मेजबान टीम ने अपने 9 विकेट महज 123 रन पर गंवा दिए। इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने गेंद से जादुई प्रदर्शन करते हुए केवल 6 ओवर के स्पेल में 5 विकेट झटके। जोफ्रा आर्चर ने भी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को रनों के लिए तरसा दिया। स्कॉट बोलैंड बिना खाता खोले स्टोक्स का पांचवां शिकार बने। फिलहाल, एलेक्स कैरी 26 रन बनाकर टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे हैं और ऑस्ट्रेलिया अब भी पहली पारी के आधार पर 49 रन पीछे है।

बदलते प्रारूप और कोहली का नया टी20 अवतार एक तरफ जहां टेस्ट क्रिकेट में पर्थ की पिच पर गेंदबाज हावी हैं, वहीं भारत में चल रहे आईपीएल 2026 में बल्लेबाजों को अलग तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। आईपीएल 2025 के फाइनल के बाद से टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके विराट कोहली इस सीजन में टी20 के एकदम आधुनिक और आक्रामक सांचे में ढलते हुए नजर आ रहे हैं। शुरुआती तीन मैचों में उनका स्ट्राइक रेट 150 के पार रहा। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 180 और राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 200 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करके उन्होंने अपने स्पष्ट इरादे जता दिए थे। हालांकि मुंबई इंडियंस के खिलाफ वह फिल सॉल्ट जैसी तेजी नहीं दिखा पाए, लेकिन लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ मैच में उन्होंने अपनी लय वापस पा ली।

परिस्थितियों के हिसाब से ‘स्मार्ट क्रिकेट’ की जरूरत चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच इस बार अपनी आम फितरत से अलग, थोड़ी धीमी और चुनौतीपूर्ण थी। लक्ष्य का पीछा करने के महारथी कोहली ने इन परिस्थितियों को बखूबी भांपा। उन्होंने शुरुआत से ही गेंदबाजों को निशाने पर लिया और अपनी टीम को एक ठोस शुरुआत दी। 49 रन की शानदार पारी खेलकर आउट होने के बावजूद, उनके इस योगदान ने आरसीबी (RCB) को पांच विकेट से जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई।

मैच के बाद कोहली ने साफ किया कि हर बार स्कोरबोर्ड पर 230 या 240 का विशाल स्कोर नहीं टंगेगा। उनका मानना है कि टूर्नामेंट के दूसरे हाफ में मुकाबले और भी ज्यादा कड़े होने वाले हैं। जब खुलकर खेलने की आजादी छिन जाती है और दबाव हावी होता है, तब स्मार्ट क्रिकेट ही काम आता है। कोहली ने अपनी फिटनेस पर भी खुलकर बात की और बताया कि वह पिछले चार-पांच दिनों से बीमार थे और शरीर में दर्द महसूस कर रहे थे। इसके बावजूद मैदान पर अपनी शुरुआत और ऊर्जा से वह खुश थे, बस मैच को अंत तक ले जाकर खुद खत्म न कर पाने का थोड़ा मलाल उन्हें जरूर रहा।