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पंच प्रण ही विकसित भारत की राह : योगी आदित्यनाथ

by City Headline
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गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर राह किसी न किसी मंजिल तक पहुंचाती है। सही मंजिल के लिए सही राह चुनने की जरूरत है। अभी देश को विकसित और दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बनाना ही लक्ष्य है। विकसित व आत्म-निर्भर भारत की राह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से आजादी के अमृत महोत्सव में दिए गए पंच प्रण हैं।

मुख्यमंत्री योगी सोमवार को महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 91वें संस्थापक सप्ताह समारोह के शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे। महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि 1932 में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज द्वारा स्थापित और उनके बाद ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज द्वारा पुष्पित-पल्लवित महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद अपने संस्थापकों की भावनाओं के अनुरूप तय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रयत्नशील है। शैक्षिक पुनर्जागरण के साथ ही यह परिषद स्वास्थ्य और सेवा के अन्य तमाम प्रकल्पों को लेकर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप, महंत दिग्विजयनाथ, महंत अवेद्यनाथ हों या अन्य ऋषि-मुनि, महापुरुष, सबका एक ही ध्येय रहा, राष्ट्र प्रथम का। उनकी भावना पृथ्वी को माता मानने की और ‘तेरा वैभव अमर रहे मां’ के अनुरूप कार्य करने की रही।
भारत को दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बनने से कोई नहीं रोक सकता
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि महाराणा प्रताप शौर्य, स्वाभिमान और स्वावलंबन की प्रतिमूर्ति हैं। देश को ऐसी ही भावनाओं से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी के अमृत वर्ष में पंच प्रण की राह पर चलने का लक्ष्य दिया है। पंच प्रण यानी गुलामी की मानसिकता से मुक्ति, विरासत का सम्मान, महापुरुषों, लोक कलाओं-परम्पराओं पर गौरव, एकता का संकल्प और नागरिक कर्तव्यों का निर्वहन। हम यदि पंच प्रण के अनुरूप राष्ट्र प्रथम की भावना से काम करें तो विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने और देश को दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बनने से कोई नहीं रोक सकता।
हर व्यक्ति अपने कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियों का करे निर्वहन
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्तमान समय जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर वही लोग बांटना चाहते हैं जो भारत को दुनिया की सबसे बड़ी ताकत के रूप में नहीं देखना चाहते। उन्होंने आह्वान किया कि एकजुट रहकर विखंडन की खाई को चौड़ा नहीं होने दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि हर व्यक्ति अपने कार्यक्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करे तो देश पंच प्रण के लक्ष्यों की ओर तेजी से अग्रसर होगा। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की शोभायात्रा को अनुशासन और रचनात्मकता की झलक देने वाला बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यहां के विद्यार्थी व शिक्षक इस परिषद को देश की अग्रणी शैक्षिक सेवा प्रकल्प बनाते हुए राष्ट्रीय कर्तव्यों का निर्वहन करते रहेंगे।
आचार विचार में समन्वय से मिलता है जनता का विश्वास
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनरल वीके सिंह के सैन्य कार्यकाल और उसके बाद के राजनीतिक जीवन की सफलता की सराहना की और कहा कि जनविश्वास का प्रतीक वही बनता है, जिसके आचार-विचार में समन्वय होता है। कथनी और करनी में समन्वय होने पर ही जन विश्वास प्राप्त होता है। योगी ने बताया कि सेना के अधिकारियों को लेकर सामान्य धारणा के इतर जनरल वीके सिंह विशुद्ध शाकाहारी, सात्विक हैं और सप्ताह में एक दिन व्रत रहते हैं।

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