लखनऊ। आंखों की रोशनी तेज करने के लिए नियमित रूप से त्राटक का अभ्यास करना चाहिए। त्राटक करने से मानसिक शांति मिलती है। सिर दर्द, माइग्रेन आदि समस्या से निजात मिलती है। त्राटक का अभ्यास एकाग्रता बढ़ता है । इसके करने मस्तिष्क की कार्य क्षमता बढ़ती है।
यह जानकारी डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के योगाचार्य ओम नारायण अवस्थी ने दी। डा. अवस्थी ने बताया कि त्राटक करने से अनिद्रा की शिकायत खत्म होती है। इसके अलावा त्राटक के नियमित अभ्यास करने से नकारात्मक विचारों से मुक्ति मिलती है।
ओम नारायण के अनुसार त्राटक का सामान्य अर्थ है ‘किसी विशेष दृष्य को टकटकी लगाकर देखना’। मन की चंचलता को शान्त करने के लिये साधक इसे करता है। यह ध्यान की एक विधि है, जिसमें किसी वाह्य वस्तु को टकटकी लगाकर देखा जाता है। त्राटक एक ऐसी ध्यान साधना है, जिसका अभ्यास करने के लिए आपको कमरे में अकेले होना अति आवश्यक है, जिससे आपको ध्यान लगाने में आसानी हो।