बाजार अपडेट: रेलटेल का प्रदर्शन और दिग्गज कंपनियों के तिमाही नतीजों का लेखा-जोखा

शेयर बाजार में आज निवेशकों की नजरें कई बड़ी कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन और कॉरपोरेट घोषणाओं पर टिकी हैं। 29 जनवरी के लिए बाजार में काफी हलचल है, जहाँ एक तरफ रेलटेल (RailTel) जैसी सरकारी कंपनी के शेयर और वित्तीय आंकड़े चर्चा में हैं, वहीं दूसरी ओर लार्सन एंड टुब्रो (L&T), एसबीआई कार्ड्स और कोचीन शिपयार्ड जैसी कंपनियों ने अपनी तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे घोषित किए हैं।

रेलटेल कॉर्पोरेशन: शेयर की चाल और वित्तीय स्थिति

रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के शेयर में कारोबारी सत्र के दौरान काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कंपनी का शेयर 350.75 रुपये के उच्च स्तर और 337.25 रुपये के निचले स्तर को छूने के बाद 342.55 रुपये पर बंद हुआ। यह पिछले बंद भाव 346.95 रुपये के मुकाबले थोड़ी गिरावट दर्शाता है। कंपनी का बाजार पूंजीकरण (Market Cap) लगभग 10,993.75 करोड़ रुपये है और इसका पी/ई अनुपात (P/E Ratio) 34.28 है, जो निवेशकों के लिए मूल्यांकन का एक अहम संकेत है।

वित्तीय मोर्चे पर कंपनी ने मजबूत प्रदर्शन किया है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, कंपनी की बिक्री 965.74 करोड़ रुपये रही, जो पिछली तिमाही की 758.16 करोड़ रुपये की बिक्री से 27.38% अधिक है। वहीं, पिछले साल की इसी तिमाही के 862.51 करोड़ रुपये के मुकाबले इसमें 11.97% की वृद्धि दर्ज की गई है। नवीनतम तिमाही में कंपनी ने टैक्स भुगतान के बाद 76.07 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया है, जो इसकी स्थिर विकास दर को दर्शाता है।

लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के मिले-जुले नतीजे

इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टुब्रो ने दिसंबर तिमाही के लिए मिले-जुले नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 4.3% गिरकर 3,215 करोड़ रुपये रह गया, जो बाजार के 4,380 करोड़ रुपये के अनुमान से काफी कम है। हालांकि, कंपनी का राजस्व 10.5% बढ़कर 71,449 करोड़ रुपये हो गया, लेकिन यह भी 73,691 करोड़ रुपये की उम्मीदों से थोड़ा पीछे रहा।

सकारात्मक पक्ष यह है कि कंपनी का EBITDA 18.6% बढ़कर 7,416 करोड़ रुपये हो गया, जिसने बाजार के अनुमानों को पीछे छोड़ दिया। ऑपरेटिंग मार्जिन में भी सुधार हुआ है और यह पिछले साल के 9.67% से बढ़कर 10.4% हो गया। गौरतलब है कि इस तिमाही के दौरान लेबर कोड के प्रभाव के चलते कंपनी पर 1,344 करोड़ रुपये का असर पड़ा है।

वित्तीय क्षेत्र: महिंद्रा फाइनेंस और एसबीआई कार्ड्स

महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज (M&M Fin) के लिए भी यह तिमाही मिली-जुली रही। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 9.9% घटकर 810.4 करोड़ रुपये रह गया, हालांकि यह बाजार के 728 करोड़ रुपये के अनुमान से बेहतर था। कंपनी की शुद्ध ब्याज आय (NII) में 20.6% की स्वस्थ वृद्धि देखी गई और यह 2,304 करोड़ रुपये रही, लेकिन यह विश्लेषकों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी।

दूसरी ओर, एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज (SBI Cards) ने शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का समेकित शुद्ध मुनाफा 45.3% की भारी उछाल के साथ 556.6 करोड़ रुपये हो गया। राजस्व में भी 11% की वृद्धि हुई और यह 5,127.3 करोड़ रुपये पर पहुँच गया। कंपनी का खर्च बढ़ने के बावजूद, क्रेडिट लागत से पहले की कमाई (Earnings before credit costs) 8% बढ़ी है। कार्ड से होने वाले खर्च (Spends) में 33% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो बाजार में मजबूत उपभोक्ता मांग को दर्शाता है।

रियल एस्टेट सेक्टर: लोढ़ा और फीनिक्स मिल्स

रियल्टी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी मैक्रोटेक डेवलपर्स (लोढ़ा) ने मुनाफे में मामूली वृद्धि दर्ज की है। दिसंबर तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 1.3% बढ़कर 956.9 करोड़ रुपये हो गया, जबकि राजस्व 14.4% बढ़कर 4,672 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन पिछले साल के 32% से घटकर 30.3% पर आ गया है, जो थोड़ा चिंता का विषय हो सकता है।

इसके विपरीत, फीनिक्स मिल्स ने काफी बेहतर नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा 4.2% बढ़कर 275.8 करोड़ रुपये और राजस्व 15% बढ़कर 1,121 करोड़ रुपये हो गया। सबसे खास बात यह रही कि बेहतर परिचालन दक्षता के कारण कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन 56.7% से सुधरकर 58.5% हो गया, जो इसके मजबूत बिजनेस मॉडल का प्रमाण है।

कोचीन शिपयार्ड: मुनाफा घटा, लेकिन लाभांश की घोषणा

कोचीन शिपयार्ड के लिए यह तिमाही चुनौतीपूर्ण रही। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 18.3% घटकर 144.6 करोड़ रुपये रह गया, जबकि राजस्व में 17.7% की बढ़ोतरी हुई और यह 1,350.4 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के मार्जिन पर भारी दबाव देखा गया और यह पिछले साल के 20.7% से गिरकर 13.8% पर आ गया।

बावजूद इसके, कंपनी ने अपने शेयरधारकों को खुश करने के लिए वित्तीय वर्ष 2026 के लिए 3.50 रुपये प्रति शेयर के दूसरे अंतरिम लाभांश (Dividend) की घोषणा की है। इसके लिए रिकॉर्ड तिथि 3 फरवरी, 2026 तय की गई है और इसका भुगतान 26 फरवरी, 2026 तक कर दिया जाएगा।

यूनियन बैंक में प्रबंधन बदलाव और अन्य महत्वपूर्ण अपडेट

सार्वजनिक क्षेत्र के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने अपने शीर्ष प्रबंधन में बदलाव की घोषणा की है। अविनाश प्रभु ने 31 जनवरी से मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) के पद से इस्तीफा दे दिया है। वित्तीय नेतृत्व में निरंतरता बनाए रखने के लिए बैंक ने धीरेंद्र जैन को 1 फरवरी से नया सीएफओ नियुक्त किया है।

आज के कारोबारी सत्र में बाजार की नजरें अन्य बड़ी कंपनियों पर भी रहेंगी जो अपने तिमाही नतीजे घोषित करने वाली हैं। इनमें मारुति सुजुकी, टीवीएस मोटर कंपनी, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स, बिड़लासॉफ्ट और एसीसी (ACC) जैसी कंपनियां शामिल हैं, जिनके नतीजों का असर शेयर बाजार की चाल पर देखने को मिल सकता है।