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चीन के अपराधियों को नेपाल में मिलता है राजनीतिक संरक्षण, जांच में खुलासा

by Sanjeev

काठमांडू । नेपाल में चीन के आपराधिक गिरोहों के राजनीतिक कनेक्शन की कलई खुलने लगी है। यह गिरोह योजनाबद्ध तरीके से नेपाल में तस्करी और प्रौद्योगिकी से संबंधित अपराधों में शामिल पाए गए हैं। 18 जुलाई को हांगकांग से तस्करी कर नेपाल लाए गए 100 किलोग्राम सोने की बरामदगी के बाद राजस्व जांच विभाग में ऐसे साक्ष्य मिले हैं।
राजस्व जांच विभाग ने ब्रेक शू में तस्करी कर लाया गया सोना बरामद किया। अगले दिन चीन के नागरिक जिक्वान लिन को भागने की कोशिश करते समय त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया। चीन मूल के बेल्जियम नागरिक दावा छिरिंग को जांच के दौरान रविवार को गिरफ्तार किया गया। जांच में छिरिंग के नेपाल के सत्तारूढ़ सीपीएन (माओवादी सेंटर) के नेताओं के साथ संबंधों का खुलासा हुआ है।
राजस्व जांच विभाग के एक अधिकारी ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि सोशल मीडिया पर माओवादी उप महासचिव वर्षमान पुन और उनकी पत्नी और पूर्व स्पीकर ओनसारी घरती के साथ डिनर करते हुए छिरिंग की तस्वीर मिली है। पुन के चीन के साथ प्रगाढ़ संबंध हैं। माओवादी उपाध्यक्ष कृष्ण बहादुर महारा के संबंध इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट (वेप) में छिपाकर सोना तस्करी करने वाले गिरोह से होने का खुलासा हुआ है।
दिसंबर 2022 में वेप में सोने की तस्करी करने वाले गिरोह का खुलासा होने के बाद पुलिस ने इसी साल जुलाई में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था । चीन का नागरिक दाओजिन वांग वेप से नौ किलोग्राम सोना छुड़ाने के मामले में सक्रिय था। उन्होंने इस मामले में गिरफ्तार लोगों को रिहा करने के लिए पूर्व अध्यक्ष महरा पर दबाव डाला । इस घटना में उनका बेटा राहुल मेहरा भी शामिल है ।
सोने की तस्करी में गिरफ्तार किया गया दावा छिरिंग नेपाल में ऑनलाइन जुआ, मैच फिक्सिंग, अश्लील वीडियो दिखाने और ऐप के जरिए अवैध वसूली में भी शामिल है। जुलाई 2022 में नेपाल के थमेल में होटल वियना में अवैध व्यापार में शामिल चीन के चार नागरिकों को गिरफ्तार किया गया था। इस गैंग में दावा भी शामिल था। इसके बाद वह फरार हो गया।
इससे पहले 2017 में काठमांडू में चीन के 122 लोग ऑनलाइन जुआ खिलाने और अश्लील वीडियो दिखाकर पैसे ऐंठने के आरोप में वांछित थे। इस घटना में अधिकांश आरोपित भाग निकले। जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया, उन्होंने नेपाल पुलिस पर हमला भी किया । नेपाल पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि इन गिरोहों को देश के अंदर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। जांच अधिकारियों का कहना है कि यह अपराधी काठमांडू के विभिन्न स्थानों पर मकान किराये पर लेकर अपराध में लगे हैं । वह राजनीतिक पहुंच और प्रभाव दिखाकर पुलिस कार्रवाई से बचते हैं।

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