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निर्जला एकादशी आज, भीमसेनी एकादशी भी कहते है , विष्णु भगवान के मंत्रों का जाप करना माना जाता है शुभ

by Sanjeev

लखनऊ। हिन्दू परिवारों में निर्जला एकादशी बहुत श्रद्धा भाव से मनाई जा रही ह। निर्जला एकादशी को भीमसेनी एकादशी भी कहा जाता है। हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रत्येक वर्ष ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन निर्जला एकादशी व्रत रखा जाता है। यह व्रत आमतौर पर मई या जून महीने में पड़ता है। इस व्रत को भीमसेनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस व्रत का संबंध गदाधारी भीम के जीवन से भी जुड़ता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार निर्जला उपवास रखने से और भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी की पूजा करने से जीवन में आ रही समस्याएं दूर हो जाती हैं। इस एकादशी की विशेष धार्मिक मान्यता होती है। कहते हैं निर्जला एकादशी की पूजा करने पर भक्तों के जीवन में सुख-समृद्धि के द्वार खुल जाते हैं। इसके अतिरिक्त निर्जला एकादशी भगवान विष्णु को प्रसन्न करने का खास अवसर होता है। इस एकादशी पर जल का सेवन भी वर्जित होता है। पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाता है। अगर आप भी आज व्रत रख रहे हैं तो पूजा के दौरान भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए कुछ मंत्रों का जाप कर सकते हैं।
निर्जला एकादशी व्रत को क्यों कहा जाता है भीमसेनी एकादशी?
निर्जला एकादशी को पांडव एकादशी या भीमसेनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। पौराणिक किंवदंतियों के अनुसार, पांडवों में सबसे बलशाली भीमसेन स्वादिष्ट भोजन के बहुत बड़े शौकीन थे। उनसे अपनी भूख बर्दाश्त नहीं होती थी, इसी कारण से वह साल में एक भी एकादशी व्रत नहीं रख पाते थे। वहीं पांडवों में भीम के अलावा सभी भाई और द्रौपदी साल के सभी एकादशी व्रत श्रद्धा भाव से किया करते थे। एक समय ऐसा आया, जब भीम अपनी इस लाचारी और कमजोरी से परेशान हो गए। उन्हें यह लगता था कि वह एकादशी व्रत न रखकर भगवान विष्णु का अपमान कर रहे हैं। इस परेशानी की युक्ति ढूंढने के लिए वह महर्षि व्यास के पास पहुंच गए। तब महर्षि व्यास ने उन्हें कहा कि वह साल में एक बार निर्जला एकादशी व्रत जरूर करें। साथी यह भी कहा कि निर्जला एकादशी व्रत रखने से व्यक्ति को सभी 24 एकादशी व्रतों का फल प्राप्त होता है। यही कारण है कि निर्जला एकादशी व्रत को भीमसेनी एकादशी व्रत के नाम से जाना जाता है।

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