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दिल्ली शराब नीति घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने पूरक चार्जशीट दाखिल की , 5 लोगों और 7 कंपनियों के नाम

by Sanjeev

नई दिल्ली । दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने राऊज एवेन्यू कोर्ट में पूरक चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में 12 को आरोपित बनाया गया है। इनमें 5 व्यक्तियों और 7 कंपनियों के नाम हैं। स्पेशल जज एमके नागपाल चार्जशीट पर 7 जनवरी को विचार करेंगे।
चार्जशीट में ईडी ने विजय नायर, अभिषेक बोइनपल्ली, शरद चंद्र रेड्डी, विनय बाबू और अमित अरोड़ा को आरोपित बनाया गया है। इस मामले में ईडी ने 26 नवंबर, 2022 को पहली चार्जशीट दाखिल की थी, जिस पर कोर्ट ने 20 दिसंबर, 2022 को संज्ञान लिया था। पहली चार्जशीट में समीर महेंद्रू के अलावा चार कंपनियों के नाम शामिल किये गए थे। कंपनियों में मेसर्स खाओ गली रेस्टोरेंट्स प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स बबली बीवरेजेस प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स इंडो स्पिरिट्स, मेसर्स इंडोस्पिरिट्स डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड हैं। कोर्ट ने इन सभी आरोपितों के खिलाफ मनी लांड्रिंग एक्ट की धारा 3, 4 और 70 के तहत आरोपों पर संज्ञान लिया था।
पहली चार्जशीट पर सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से कहा गया था कि साउथ ग्रुप से समीर महेंद्रू ने पैसों की व्यवस्था की। ईडी ने कहा था कि दिनेश अरोड़ा ने अपने बयान में कहा है कि हैदराबाद में बैठक हुई, जिसमें विजय नायर और समीर महेंद्रू शामिल थे। इस मामले में विजय नायर के कहने पर ही ब्लैकलिस्टेड इंडो स्पिरिट्स को आबकारी विभाग ने लाइसेंस जारी किया। ईडी ने कहा था कि साउथ ग्रुप ने 100 करोड़ रुपये एडवांस में विजय नायर को दिए थे और साउथ ग्रुप के पास रिटेल के 9 जोनन के लाइसेंस थे। इंडो स्पिरिट्स ग्रुप पर सीधे रूप से साउथ ग्रुप का कब्जा था, इसलिए वहां से पैसा हासिल करना आसान था।
ईडी ने कहा था कि शराब मैन्युफैक्चरर्स पर दबाव था कि वह चुने हुए रिटेलर को ही बोतल बेचेंगे। साउथ ग्रुप का नियंत्रण रिटेलर और थोक विक्रेता दोनों पर था। ईडी ने कहा था कि हमने 291 करोड़ कि मनी लांड्रिंग का पता अभी तक लगाया है। ईडी ने कोर्ट को बताया कि अभी एक मामले में 291 करोड़ से ज़्यादा की मनी लांड्रिंग का पता चला है। ईडी का कहना है कि महेंद्रू इन संस्थाओं से जुड़े हुए हैं। एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि अभी 5 आरोपितों के खिलाफ जांच पूरी हो चुकी है।
ईडी ने विजय नायर और अभिषेक बोइनपल्ली को 13 नवंबर, 2022 को गिरफ्तार किया था। 14 नवंबर को कोर्ट ने सीबीआई के मामले में विजय नायर औऱ अभिषेक बोइनपल्ली को जमानत दी थी। सीबीआई ने इस मामले में 27 सितंबर, 2022 को विजय नायर को गिरफ्तार किया था। विजय नायर मुंबई स्थित वनली मच लाउडर नामक कंपनी का पूर्व सीईओ है। नायर आम आदमी पार्टी का कम्यूनिकेशन इंचार्ज था। अभिषेक बोइनपल्ली को हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई के मुताबिक अभिषेक ने नवंबर 2021 से लेकर जुलाई 2022 तक दिल्ली में आबकारी नीति के लागू होने के पहले हवाला के जरिये सह-आरोपित विजय नायर को और दिनेश अरोड़ा को पैसे ट्रांसफर किए थे। यह पैसे सह-आरोपित समीर महेंद्रू के खाते में आए और बाद में अभिषेक के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए।

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