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IPL 2022: शिखर धवन के हाथ में है पंजाब की किस्मत लेकिन उनकी किस्मत है किसके हाथ?

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पंजाब आईपीएल (IPL 2022) की उन बदकिस्मत टीम में से एक है जिसे सबकुछ करने के बाद भी खिताब नहीं जीता. टीम में एक से बढ़कर एक स्टार रहे. टीम ने अपना नाम तक बदला लेकिन न नतीजा बदला न किस्मत. इस सीजन में मंगलवार को मिली जीत के बाद पंजाब की टीम एक बार फिर चर्चा में है. मंगलवार को पंजाब ने इस सीजन की सबसे दमदार टीम गुजरात टाइटन्स (PBKS vs GT) को 8 विकेट के बड़े अंतर से हराया. इस जीत के साथ ही पंजाब के खाते में 10 मैच में 5 जीत के साथ 10 अंक हो गए हैं. पंजाब (Punjab Kings) की पूरी कोशिश है कि सीजन में टॉप-4 में अपनी जगह बनाए. अगर ये चुनौती पार कर ली तो जी जान कोशिश इसी बात पर होगी कि खिताब पर कब्जा किया जाए.

इस लक्ष्य को पाने के लिए पंजाब की टीम जिन खिलाड़ियों पर सबसे ज्यादा भरोसा करेगी उनमें से एक हैं शिखर धवन (Shikhar Dhawan). गुजरात टाइटन्स के खिलाफ मिली जीत में भी शिखर धवन का रोल अहम था. उन्होंने 53 गेंद पर 62 रन की पारी खेली. कगिसो रबादा के अलावा इस जीत के दूसरे हीरो शिखर धवन ही थे.

अनुभव से मैच की नब्ज पकड़ते हैं शिखर

शिखर धवन को समझ आ गया था कि 144 रन का लक्ष्य इतना बड़ा नहीं है कि बेवजह जोखिम लिया जाए. तीसरे ही ओवर में जॉनी बेयरस्टो के आउट होने के बाद वो और भी सतर्क हो गए. उन्होंने तय किया कि वो मैच ‘फिनिश’ करने की कोशिश करेंगे. इसीलिए उन्होंने मैदानी शॉट्स पर ज्यादा जोर दिया. उनकी पारी में सिर्फ एक छक्का था, जबकि आठ चौके. अमूमन शिखर धवन के बारे में कहा जाता है कि वो क्रीज पर डेरा डालकर खड़े रहने की बजाए रन बनाने में भरोसा रखते हैं. लेकिन मंगलवार के मैच की अहमियत को समझते हुए उन्होंने संयमित अंदाज में बल्लेबाजी की. गुजरात के खिलाफ अर्धशतक के साथ ही इस सीजन में शिखर धवन ने 10 मैच में 46.12 की औसत से 369 रन बना लिए हैं. इसमें 3 अर्धशतक शामिल हैं. सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में शिखर धवन अब टॉप-3 में शामिल हैं. इस फेहरिस्त में 588 रन के साथ जोस बटलर पहली और 451 रन के साथ केएल राहुल दूसरी पायदान पर हैं.

शिखर की फॉर्म से चर्चा गर्म हुई है…

आईपीएल की खासियत है कि इस टूर्नामेंट के बहाने हमेशा चर्चा भारतीय टीम की होती है. इस वक्त सबसे गर्मागर्म चर्चा यही है कि मौजूदा फॉर्म के भरोसे टी-20 वर्ल्ड कप के दरवाजे किसके लिए खुलेंगे और किसके लिए बंद होंगे. टी-20 विश्व कप इसी साल के अंत में ऑस्ट्रेलिया में खेला जाना है. शिखर धवन की मौजूदा फॉर्म के बाद अब यही चर्चा है कि क्या वो भारतीय टीम के साथ ऑस्ट्रेलिया जाएंगे? 36 साल के शिखर धवन अपने करियर के आखिरी पड़ाव पर हैं. टेस्ट क्रिकेट में तो वो 2018 के बाद से ही ‘सीन’ से बाहर हैं. लेकिन लिमिटेड ओवर में वो टीम का हिस्सा रहे हैं. इस साल फरवरी में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के मैच भी उन्होंने खेले थे. आखिरी टी-20 मैच उन्होंने पिछले साल जुलाई में श्रीलंका के खिलाफ खेला था. ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि क्या अपनी फॉर्म के दम पर वो अपने पुराने जोड़ीदार और मौजूदा कप्तान रोहित शर्मा का भरोसा जीत पाएंगे?

ईशान किशन से है शिखर का कड़ा मुकाबला

रोहित शर्मा और शिखर धवन का भारतीय टीम की सलामी जोड़ी के तौर पर लंबा साथ रहा है. विराट की कप्तानी में इन दोनों खिलाड़ियों ने कई बड़ी साझेदारियां की हैं. लेकिन अब रोहित शर्मा टीम के कप्तान हैं. पिछले करीब एक साल में जिस खिलाड़ी की ‘एंट्री’ हुई है वो हैं- ईशान किशन. ईशान किशन बतौर जोड़ीदार रोहित शर्मा के साथ खेले हैं. ईशान अभी सिर्फ 24 साल के हैं. उनकी बेखौफ बल्लेबाजी का हर कोई मुरीद है. इस सीजन में सबसे मंहगे खिलाड़ी का टैग भी ईशान किशन पर ही लगा है. जिन्हें साढ़े पंद्रह करोड़ रूपये खर्च करके मुंबई इंडियंस ने खरीदा था. हालांकि सीजन में ईशान का बल्ला बेरंग दिखाई दिया. अब तक खेले गए 9 मैच में ईशान 28.12 की औसत से सिर्फ 225 रन ही बना पाए हैं. इस सीजन में मुंबई की टीम की बदहाली की एक बड़ी वजह ईशान किशन की फॉर्म भी है. बावजूद इसके इस बात की उम्मीद न के बराबर है कि वो टी-20 विश्व कप की टीम का हिस्सा नहीं होंगे.

रोहित शर्मा के हाथ में है शिखर की किस्मत

अब इन परिस्थितियों को पूरी तरह समझने के बाद असली पेंच ये है कि रोहित शर्मा को क्या चाहिए? सेलेक्टर्स वही करेंगे जो रोहित शर्मा कहेंगे. पिछले टी-20 विश्व कप के बाद भी सेलेक्टर्स का कहना था कि उन्होंने विराट को बिल्कुल वैसी टीम दी थी जैसी टीम वो चाहते थे. यानी रोहित शर्मा को भी वैसी ही टीम दी जाएगी जैसी वो चाहते हैं. ऐसे में ये मुश्किल लगता है कि बतौर कप्तान रोहित शर्मा शिखर धवन को ईशान किशन पर तरजीह देंगे. हालांकि शिखर धवन के पक्ष में एक बात और जा सकती है. ईशान किशन की तरह ही रोहित शर्मा भी फॉर्म में नहीं हैं. रोहित शर्मा के खाते में 9 मैच से सिर्फ 155 रन हैं. उनकी औसत सिर्फ 17.22 की है. स्ट्राइक रेट भी 123.01 की है. बतौर कप्तान रोहित शर्मा ये सोच सकते हैं कि सलामी जोड़ी में कम से कम एक बल्लेबाज के पास तो फॉर्म होनी चाहिए. शिखर धवन इस सोच पर खरे उतरते हैं. यानी टीम में बतौर ओपनर दोनों बल्लेबाजों को जगह देने के बारे में सोचा जा सकता है.

क्या कहते हैं शिखर धवन के टी20 आंकड़े

शिखर धवन के टी20 आंकड़ों को जानना भी जरूरी है. सेलेक्टर्स भी इन आंकड़ों के साथ ही फैसला करेंगे. अब तक खेले गए 68 टी20 मैच में उन्होंने 27.92 की औसत से 1759 रन बनाए हैं. उनकी स्ट्राइक रेट 126.36 की है. 11 अर्धशतक उनके खाते में है. बड़ी बात ये है कि ऑस्ट्रेलिया में शिखर धवन ने अपनी करियर औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है. उन्होंने अब तक ऑस्ट्रेलियाई पिचों पर 9 मैच खेले हैं. जिसमें उनकी औसत 33.87 की है. कुल 271 रन उनके खाते में है. यानी ऑस्ट्रेलिया में वो अपनी करियर औसत से करीब सात रन ज्यादा बनाते हैं. ये आंकड़े भी शिखर के पक्ष में जाएंगे. 126.53 की स्ट्राइक रेट से ही शिखर धवन ने आईपीएल करियर में भी रन बनाए हैं. 202 आईपीएल मैच में उन्होंने 6153 रन बनाए हैं. आईपीएल में उनके खाते में 2 शतक और 47 अर्धशतक हैं. 2016 से लेकर अब तक शिखर धवन ने 35-46 की रेंज में औसत ‘मेनटेन’ रखी है. टी20 फॉर्मेट में शिखर धवन का दबदबा इस रिकॉर्ड से भी बनता है कि आईपीएल के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की फेहरिस्त में भी वो दूसरे नंबर पर हैं. विराट कोहली पहले और रोहित शर्मा तीसरे नंबर पर हैं. कुल मिलाकर शिखर धवन को आंख मूंदकर खारिज कर देना इतना आसान काम नहीं है.

पहले भी होता रहा है शिखर का इम्तिहान

शिखर के करियर में ऐसी अग्निपरीक्षा पहली बार नहीं हो रही है. 2010 में लिमिटेड ओवर का करियर शुरू होने के बाद टेस्ट करियर की शुरूआत में भी शिखर ऐसी ही परीक्षा से गुजरे थे. साल 2013की बात है. ऑस्ट्रेलिया की टीम भारत के दौरे पर थी. ये वो दौर था जब वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर की सलामी जोड़ी की वजह से किसी नए बल्लेबाज को मौका ही नहीं मिल पाता था. तब शिखर धवन घरेलू क्रिकेट में करीब एक दशक से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे. आखिरकार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शिखर धवन को मौका मिला था. उस टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 408 रन बनाए थे. मोहाली में खेले गए उस मैच में भारत पर संभलकर खेलने का दबाव था. ऑस्ट्रेलियाई टीम में मिचेल स्टार्क, पीटर सिडल, मोसेज हैनरिक्स और नैथन लाएन जैसे गेंदबाज थे. बावजूद इसके शिखर धवन ने अपना स्वाभाविक खेल खेला. उन्होंने शतक जड़ा था. 187 के स्कोर पर आउट होकर वो दोहरे शतक से चूके थे लेकिन इसके बाद काफी समय के लिए वो सेलेक्टर्स का दिल जीत चुके थे. शिखर का भविष्य अब किस तरफ जाएगा कहानी एक बार फिर वहीं पहुंच गई है.

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