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पंजाब में बिजली संकट: AAP नेता राघव चड्ढा बोले- राज्य में दो दिनों की बची है कोयले की सप्लाई, केंद्र निभाए अपनी जिम्मेदारी

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पंजाब में इन दिनों भीषण गर्मी के बीच लोगों को भारी बिजली कटौती (Punjab Power Crisis) का सामना करना पड़ रहा है. पंजाब में गुरुवार को थर्मल प्लांटों ने क्षमता से 2000 मेगावाट कम बिजली को पैदा किया. राज्य को कोयले की कमी से भी जूझना पड़ रहा है. वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा (Raghav Chadha) ने कहा है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान कुछ दिन पहले दिल्ली में केंद्रीय कोयला मंत्री प्रल्हाद जोशी से मिलने गए थे. प्रल्हाद जोशी ने कोयले की कमी नहीं होने का आश्वासन दिया. अभी भी पंजाब सहित 16 से अधिक राज्यों में कोयले की आपूर्ति केवल एक से दो दिनों की बची हुई है. केंद्र को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी.

वहीं, विभिन्न किसान समूहों ने कृषि क्षेत्र को कथित रूप से अपर्याप्त बिजली आपूर्ति के खिलाफ शुक्रवार को पंजाब के बिजली मंत्री हरभजन सिंह के आवास के निकट विरोध प्रदर्शन किया. मंत्री के न्यू अमृतसर क्षेत्र में स्थित घर के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. पुलिस ने कहा कि किसान मजदूर संघर्ष समिति के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे किसानों ने सिंह के आवास तक पहुंचने के लिए बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की और इस दौरान उनकी पुलिस के साथ झड़प हो गई. उन्होंने बताया कि झड़प में कोई घायल नहीं हुआ. बाद में, प्रदर्शनकारियों ने मंत्री के आवास के निकट एक अस्थायी मंच स्थापित किया और सरकार के खिलाफ भाषण दिया.

विपक्ष ने बिजली कटौती पर सरकार को घेरा

दूसरी ओर, पंजाब में विपक्षी दलों ने भीषण गर्मी के दौरान कई जगहों पर बिजली कटौती को लेकर राज्य की सत्तारूढ़ AAP सरकार पर निशाना साधा. विपक्ष ने आरोप लगाया कि वह उपभोक्ताओं को चौबीस घंटे बिजली देने का वादा पूरा करने में विफल रही है. हालांकि, पंजाब के ऊर्जा मंत्री हरभजन सिंह ने कहा कि बढ़ते तापमान से पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में इस साल बिजली की मांग में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. उन्होंने कहा कि केवल पंजाब ही नहीं, अन्य राज्य भी इसी तरह की समस्याओं का सामना कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान स्थिति की निगरानी कर रहे हैं.

राज्य में जारी है बिजली की कमी

विपक्षी दलों ने कहा कि बिजली कटौती घरेलू उपभोक्ताओं को असुविधा के अलावा खेती और औद्योगिक क्षेत्रों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है. विपक्षी दलों ने दावा किया कि राज्य में 10 से 13 घंटे की लंबी बिजली कटौती की जा रही है, खासकर ग्रामीण इलाकों में. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक राज्य में बिजली की अधिकतम मांग 7,675 मेगावाट तक पहुंच गई है. उन्होंने बताया कि बुधवार को राज्य में 282 लाख यूनिट बिजली की कमी थी और सभी स्रोतों से बिजली आपूर्ति की उपलब्धता 1,679 लाख यूनिट थी. सूत्रों ने कहा कि तलवंडी साबो की दो इकाइयां, रोपड़ थर्मल प्लांट और जीवीके प्लांट की एक-एक यूनिट पहले से ही बंद है, जिससे बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है. सूत्रों ने कहा कि रोपड़ थर्मल प्लांट में 8.3 दिन, लहरा मोहब्बत प्लांट में चार दिन और जीवीके में 2.4 दिनों के लिए कोयला बचा है तथा कोयले की आपूर्ति चिंताजनक बनी हुई है.

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