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Career in Sound Engineering: 12वीं के बाद साउंड इंजीनियर बनकर अपने करियर को करें ट्यून, नेम-फेम के साथ होगी अच्छी कमाई

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Sound Engineering Career Options: साउंड हमारे जीवन के अलावा मीडिया व एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. किसी म्यूजिकल प्रोग्राम या फिल्म की सफलता में प्रभावशाली बैकग्राउंड स्कोर का खास रोल होता है. इसलिए फिल्मों व गानों से लेकर लाइव शो और गेम्स तक, साउंड इंडस्ट्री हर साल नई ऊंचाइयों को छू रही है. इस इंडस्ट्री में योग्य लोगों की डिमांड बढ़ी है. कई अन्य क्षेत्रों की तुलना में इस फील्ड के कुशल प्रोफेशनल्स को अधिक सैलरी पैकेज ऑफर (High Salary Jobs) किए जाते हैं. इस फील्ड में फिल्म और संगीत की दुनिया के रोमांच के साथ कमाई और करियर की अच्छी संभावनाएं (Best Career Options) हैं.

अगर आपकी रुचि ऑडियो, म्यूजिक और साउंड टेक्नोलॉजी में हो, तो आप भी साउंड इंजीनियर बनकर अपना करियर ट्यून कर सकते हैं. साउंड इंजीनियरिंग में करियर (Sound Engineering Career) के बारे में आपको जो कुछ जानने की जरूरत है, वह इस आर्टिकल में दिया गया है.

What is Sound Engineering? साउंड इंजीनियरिंग क्या है?

मैकेनिकल व डिजिटल उपकरणों का उपयोग कर किसी ध्वनि (sound) को कैप्चर, रिकॉर्ड, एडिट, मिक्स और रीप्रोड्यूस करने का काम साउंड इंजीनियरिंग है. ऐसा करने वाले प्रोफेशनल को साउंड इंजीनियर या ऑडियो इंजीनियर (Audio Engineer) कहते है. साउंड इंजीनियर ध्वनि तरंगों (sound waves), उसकी वेवलेंथ व फ्रीक्वेंसी को समझता है. यह एक कला और विज्ञान दोनों है.

इस कोर्स के दौरान स्टूडेंट्स साउंड की बेसिक्स से लेकर पोस्ट प्रोडक्शन तक की पूरी प्रक्रिया समझते हैं. इसी के आधार पर वे साउंड को पॉलिश करने का काम करते हैं. साउंड इंजीनियरिंग में माहिर लोगों का उपयोग प्रोड्यूसर-आर्टिस्ट थिएटर, फिल्म, म्यूजिक, रिकॉर्डिंग, रिकॉर्डिंग डिवाइस के संचालन और साउंड इफ़ेक्ट लाने के लिए करते हैं. लाइव कॉन्सर्ट और रिकॉर्डिंग के दौरान, ये प्रोफेशनल्स साउंड क्वालिटी और ऑडियो वॉल्यूम को मैनेज और सिंक्रनाइज़ करते हैं.

Eligibility: आवश्यक योग्यता

साउंड इंजीनियरिंग का कोर्स 12वीं के बाद किया जा सकता है. इस फील्ड में ग्रेजुएशन करने के लिए उम्मीदवार का फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स विषयों के साथ 12वीं पास (Careers after 12th PCM) होना अनिवार्य है. हालांकि फ़िल्म मेकिंग इंस्टीटूट्स से साउंड इंजीनियरिंग में 3 से 6 महीने के शॉर्ट टर्म कोर्स करने के बाद इस फील्ड में करियर शुरू किया जा सकता है. इन संस्थानों में एडमिशन के लिए 12वीं में पीसीएम (PCM) होना जरूरी नहीं है.

About Sound Engineering Course: कोर्स डिटेल

साउंड इंजीनियरिंग कोर्स के दौरान छात्रों को साउंड रिकॉर्डिंग, एडिटिंग व मिक्सिंग की तकनीकी व व्यावहारिक जानकारी दी जाती है. इसके अलावा रिकॉर्डिग टूल जैसे- टेप मशीन, स्पीकर, एम्पलीफायर्स, सिंगल प्रोसेसर तथा माइक्रोफोन आदि का इस्तेमाल करना सीखते हैं. इसके अलावा ऑडियो राइटिंग, बेसिक थ्योरी ऑफ साउंड फ्रिक्वेंसीज, साउंड स्पेशल इफेक्ट्स आदि भी बताया जाता है.

ध्यान रहे, फॉर्मल ट्रेनिंग के बिना इस फील्ड की बारीकियों को सीखना लगभग असंभव है. इसलिए इंस्टीट्यूट सेलेक्ट करने में सावधानी बरतें. हालांकि, देश में कई ऐसे संस्थान हैं जो उन लोगों के लिए साउंड इंजीनियरिंग और म्यूजिक प्रोडक्शन में डिग्री या डिप्लोमा कोर्स चलाते हैं जो प्रोफेशनल के तौर पर इस फील्ड में काम करना चाहते हैं.

साउंड इंजीनियरिंग: जरूरी स्किल्स

म्यूजिक व ट्यून की समझ
साउंड के बारे में तकनीकी ज्ञान
सुनने की अच्छी शक्ति होनी चाहिए
जटिल कॉन्सेप्ट को जल्दी से समझने की क्षमता
एडिटिंग व मिक्सिंग सॉफ्टवेयर की जानकारी
साउंड वेवलेंथ व फ्रीक्वेंसी के बारे में अच्छी जानकारी
नई तकनीक और डिजिटल मीडिया की जानकारी
म्यूजिक और हाई क्वालिटी ऑडियो की समझ

Sound Engineer Career Scope: करियर स्कोप

आजकल इस क्षेत्र में काम की कमी नहीं है. भारत में साउंड इंडस्ट्री के लगातार डेवलप होने के कारण योग्य पेशेवरों की डिमांड बढ़ गई है. फिल्म, टेलीविज़न, वीडियो गेम्स, म्यूजिक स्टूडियो और थिएटर जैसे कई क्षेत्रों में साउंड इंजीनियर के लिए अपार संभावनाएं हैं. बॉलीवुड के अलावा टीवी सीरियल, वॉइस प्रोडक्शन कंपनी, डिजिटल फ़िल्म मेकिंग, म्यूजिक कंपनी, पोस्ट प्रोडक्शन हाउस, ऐड फिल्म्स, रेडियो व स्टूडियोज में साउंड इंजीनियर अपना करियर बना सकते हैं। कोर्स के बाद साउंड इंजीनियर, ऑडियो इंजीनियर, स्टूडियो मैनेजर, स्टूडियो डिजाइनर, स्टूडियो टेक्निशियन, असिस्टेंट इंजीनियर, मल्टीमीडिया डेवलपर के तौर पर काम मिल जाता है.

साउंड इंजीनियरिंग: टॉप इंस्टीट्यूट्स

आईआईटी खड़गपुर (IIT Kharagpur)
यूनिवर्सिटी ऑफ मुंबई (Mumbai University)
भारतीय विद्या भवन, दिल्ली
डिजिटल फ़िल्म इंस्टीट्यूट, मुंबई
फ़िल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII), पुणे
गवर्नमेंट फ़िल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, बेंगलुरू
बीजू पटनायक फ़िल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, कटक, ओडिशा
एशियन एकेडमी ऑफ फ़िल्म एंड टेलीविजन, नोएडा
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिल्म एंड फाइन आर्ट्स, कोलकाता
सत्यजीत रे फ़िल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, कोलकाता

Sound Engineer Salary: सैलरी पैकेज

एंट्री-लेवल पर साउंड इंजीनियर को 3.5 लाख से 4.5 लाख रुपये सालाना पैकेज मिल जाता है. किसी भी अन्य पेशे की तरह साउंड इंजीनियर का वेतन अनुभव के साथ बढ़ता है. कुछ अनुभव के साथ साउंड इंजीनियर सालाना 6 लाख से 10 लाख रुपये या इससे भी ज्यादा कमा लेते हैं. बड़े स्टूडियो और प्रोडक्शन हाउस छोटे व लोकल सेटअप की तुलना में अधिक वेतन ऑफर करते हैं.

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