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Bihar: पिटाई कांड पर इस्तीफे की धमकी बेअसर होने के बाद तेजप्रताप का नया पैंतरा, लालू के लाल अब निकालेंगे यात्रा, लगाएंगे जनता दरबार

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आरजेडी कार्यकर्ता की कथित पिटाई कांड के बाद जब तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) पर दबाव बना तो उन्होंने पिता लालू प्रसाद (LALU PRASAD) से मिलकर इस्तीफा देने की धमकी दी. तेजप्रताप को उम्मीद थी की उनकी धमकी के बाद पार्टी उन्हें हाथों हाथ लेगी और परिवार भी मान मनौव्वल करेगी, लेकिन उनके इस्तीफे की धमकी पर पर मान मनौव्वल तो दूर पार्टी या लालू परिवार के किसी सदस्य ने एक शब्द भी खर्च नहीं किया. जिसके बाद तेजप्रताप यादव का नया पैंतरा सामने आया है. तेजप्रताप यादव ने कहा है कि वह यात्रा निकालेंगे और अपने आवास पर जनता दरबार लगाएंगे.

इससे पहले भी तेजप्रताप यादव यात्रा निकाल चुके हैं, लालू प्रसाद को सजा मिलने के बाद उन्होंने न्याय यात्रा निकाला था. इसके बाद जब लालू प्रसाद को जमानत मिली तब तेजप्रताप ने दावा किया था कि उनके न्याय यात्रा की वजह से ही लालू प्रसाद को जमानत मिली है.

इस्तीफा स्वीकार होने का डर

दरअसल पिटाई कांड पर घिरने के बाद तेजप्रताप यादव ने इस्तीफा देने की धमकी दी थी. राजनीति के जानकार कहते हैं कि उनकी धमकी पर जब किसी ने ध्यान नहीं दिया तो अब वह नया पैतरा लेकर सामने आए हैं. बिहार की राजनीति को करीब से जानने वाले वरिष्ठ पत्रकार शिवेंद्र नारायण सिंह कहते हैं कि तेजप्रताप को पहले उम्मीद थी कि उनके इस्तीफे की धमकी के बाद उन्हें पार्टी और परिवार स्तर पर मनाने का प्रयास शुरू होगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

1 मई से तेजप्रताप का जनता दरबार

तेजप्रताप की बातों को ना लालू यादव ने और ना ही मां राबड़ी देवी ने सार्वजनिक रूप से कोई तवज्जो दी. जिसके बाद उन्हें लगने लगा कि उनका इस्तीफा भी कहीं पार्टी नेतृत्व स्वीकार ना कर ले. तब उन्होंने यात्रा निकालने की बात कर दी. स्थानीय मीडिया में छपी खबर के अनुसार तेजप्रताप यादव 1 मई से पटना में जनता दरबार कार्यक्रम लगाएंगे और आगे बिहार की यात्रा पर भी निकालेंगे.

आरजेडी के सेहत पर असर !

तेजप्रताप यादव के जनता दरबार लगाने और उनकी यात्रा का बिहार की राजनीति पर कितना असर होगा यह तो बताना मुश्किल होगा, लेकिन उनके पार्टी से इतर अलग चलने की वजह से लालू कुनबा एक नहीं है यह मैसेज जरूर पास होगा. जिसका खामियाजा आरजेडी को भुगतना पड़ सकता है. तेजस्वी पर आरोप लग सकता है कि जो अपने भाई को साथ लेकर नहीं चल सके वह बिहार को कैसे साथ लेकर चलेंगे.

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