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तबादला रुकवाने के लिए टीचर्स ने किया ऐसा काम, खबर पढ़ हो जाएंगे हैरान

by City Headline

लखीमपुर

कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बेहजम में बीती रात दिल दहलाने वाली घटना हुई। यहां तैनात पूर्ण कालिक शिक्षिका मनोरमा मिश्रा व गोल्डी कटियार ने तबादला रुकवाने का एक ऐसा ड्रामा रचा कि लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। आरोप है कि दोनों शिक्षिकाओं ने विद्यालय में पढ़ने वाली 54 में 20 छात्राओं को छत पर कैद कर दिया।

 

करीब डेढ़ से दो घंटे कैद में रहने से बिलबिलाई बालिकाओं के रोने व शोरगुल को सुनकर ग्रामीणों व विद्यालय स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद नीमगांव थाने की पुलिस फोर्स तुरंत मौके पर पहुंची और बालिकाओं को आजाद कराया। रात करीब 10 बजे पहुंचे बीएसए डॉ लक्ष्मीकांत पांडेय व अन्य अधिकारियों ने पहले बच्चों और इसके बाद शिक्षिकाओं से अलग-अलग बात कर पूरे मामले को समझा। रात में ही मौके पर पहुंची जिला समन्वयक सर्व शिक्षा रेनू श्रीवास्तव ने दोनों शिक्षिकाओं को नामजद करते हुए नीमगांव थाने में तहरीर दी।

 

पुलिस ने तहरीर में लगे आरोपों के मुताबिक आईपीसी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। जिसमें बालिकाओं की सुरक्षा खतरे में डालने, उन्हें भड़काने, वार्डन से गाली गलौज करने का आरोप है। इधर बीएसए ने भी पूरे मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी है। टीम में बीईओ मुख्यालय, बीईओ बेहजम, डीसी (आईईडी), एसआरजी शामिल हैं।

 

अधिकारियों को तीन दिन में साक्ष्य सहित आख्या देने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट मिलने के बाद शिक्षिकाओं की सेवा समाप्ति के लिए नोटिस जारी की जाएगी। घटना देर शाम करीब साढ़े सात बजे बालिकाओं ने खाना खाया। इसके बाद 35-36 बालिकाएं नीचे रह गईं, जबकि 20 छात्राएं छत चली गईं। बताया जाता है कि छत पर मौजूद छात्राओं के पास दोनों शिक्षिकाएं पहुंचीं और तबादला होने की बात बताई।

 

शिक्षिकाओं ने छात्राओं को भड़काने का भी प्रयास किया। नीचे उतरते समय शिक्षिकाओं ने छत के प्रवेश द्वार पर कुंडी लगा दी। काफी देर तक जब कुंडी नहीं खुली तो छात्राएं बिलबिलाने लगीं। इधर, वार्डेन ललित कुमारी ने छात्राओं को छत से उतरकर कमरों में जाने के लिए कहा। इस बीच छात्राओं के रोने व शोर मचाने के बाद यह पता चल पाया कि छात्राओं को छत पर कैद किया गया है।

 

इसके बाद स्कूल स्टाफ तथा आसपास के ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। रात करीब 10 बजे पहुंचे बीएसए ने गंभीरता को देखते हुए इलाकाई बीईओ को भी मौके पर बुला लिया गया। कस्तूरबा विद्यालय में रात करीब दो बजे तक स्थितियां गंभीर रहीं। बीएसए डॉ लक्ष्मीकांत पांडेय का कहना है कि शिक्षिकाओं ने अपना तबादला रुकवाने के लिए छात्राओं को अपना ढाल बनाया। दोनों शिक्षिकाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। साथ ही चार सदस्यीय टीम की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद शिक्षिकाओं की सेवा समाप्ति के लिए नोटिस जारी की जाएगी।

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