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सुबह से होनी थीं शादी की रस्में, पहुंची दूल्हे की लाश; दफन हो गए के सपने… चीत्कार में बदलीं खुशियां

by Nikhil

सुबह से ही शादी की तैयारियां शुरू हो रही थीं, लेकिन इससे पहले ही दूल्हे की लाश की खबर पहुंच गई। एक पल में सभी के सपने ध्वस्त हो गए, और खुशियों की जगह चीखें और आंसू ने ले ली। उत्तर प्रदेश के एटा जिले में सड़क हादसे में दूल्हा बनने वाले युवक के साथ तीन और लोगों की मौत हो गई। शादी के लिए पाँच दिन बाद की तारीख थी, लेकिन यह हादसा सभी के लिए एक अच्छी याद बनाया। जिंदा रहने वालों के आंसू और हंसी के बजाय खेदनाक चीखें और आंसू थे। यात्रीगण के अत्यधिक और गाड़ी की ओवरस्पीड ने इस हादसे की भयंकरता को और बढ़ा दिया।

कुलदीप के घर में शादी की धूमधाम से तैयारी थी। खुशियों का माहौल छाया हुआ था। ढोलक की धुन पर मंगल गाने गाए जा रहे थे। कपड़ों का व्यापार करने वाले कुलदीप और उसके भाई रवि और बॉबी भी उत्साहित थे। बुधवार की शाम को बॉबी ने लोगों को बस स्टैंड तक छोड़ा। इन लोगों ने किराए पर एक कार की बुकिंग की थी और मैनपुरी के लिए रवाना हो गए।

घर जाने की खुशी इतनी थी कि नौ लोगों ने पांच सीटर कार में सवार होकर यात्रा की। चालक विष्णु के साथ आगे सतेंद्र बैठा था, जबकि अन्य सभी पीछे की सीट पर थे। रास्ते में शादी की तैयारियों की चर्चा होती रही। नोएडा से निकलकर गाड़ी एनएच-34 पर जिले के थाना पिलुआ के गांव सुन्ना स्थित नहर पुल पर पहुंची। सुबह के लगभग 4 बज रहे थे। तभी चालक विष्णु को नींद की झपकी आ गई।

गाड़ी की बेताब रफ्तार के कारण, जब तक कुछ समझ में आया, गाड़ी डिवाइडर से टकरा चुकी थी। इसके बाद उसने डिवाइडर में घुसा लिया, और इस घटना के परिणामस्वरूप, गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। यह हादसा इतना भयंकर था कि चालक और साथ ही साथ बैठे हुए सतेंद्र, और पीछे की सीट पर बैठे कुलदीप, नित्या और आराध्या की जान चली गई। चारों शवों का पोस्टमार्टम एटा में किया गया है।

हादसे के बाद, कार के एयरबैग खुल गए, लेकिन जान बचाई नहीं जा सकी। सीओ यातायात विक्रांत द्विवेदी ने बताया कि जब कार को बोनट से भारी चीज टकराई, तो एयरबैग स्वतः ही खुल गए। लेकिन जब कार की गति और यात्री संख्या अधिक होने के कारण हादसा हुआ, तो इससे बचाव नहीं हो सका।

हादसे की स्थानीयता एनएच-34 पर थी, जहां कार की अधिकतम गति 80 किमी/घंटा थी, लेकिन यह कार 110 किमी/घंटा की गति से चल रही थी। यातायात प्रभारी अनिल वर्मा ने बताया कि डिवाइडर से टकराने के कारण हादसा हुआ। यह हादसा इतना भयंकर था कि चालक और सभी यात्री मौत के घातक झटकों में शामिल हो गए।

हादसे के बाद, सूचना के तुरंत बाद थाना पुलिस पहुंची। थाना प्रभारी दिनेश सिंह ने बताया कि कार डिवाइडर से टकरा चुकी थी, और दो टुकड़ों में टूट गई थी। लोगों को तुरंत बाहर निकाला गया और दुर्घटना के बाद रोडवेज को ठीक करने के लिए लगभग 30 मिनटों के लिए रूट डायवर्जन किया गया। सभी घायलों को मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया।

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