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जलने लगी दिल्ली: सूरज की तपिश से लोग परेशान, 42 °C के पार तापमान; जानें अगले दो दिन दिल्ली में रहेगा कैसा मौसम

by Nikhil

राजधानी में सूरज की तपिश से लोग परेशान हैं। गुरुवार को दोपहर में चिलचिलाती गर्मी के साथ गर्म हवा चली। इस दौरान अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री अधिक रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 24.8 डिग्री दर्ज किया गया।

वहीं, शुक्रवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। ऐसे में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। वहीं, न्यूनतम तापमान 25 डिग्री पहुंचने का अनुमान है। इससे लू का अहसास होगा। मौसम विभाग ने मुताबिक शनिवार को कुछ इलाकों में लू चलने के आसार हैं। इस दौरान अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान भी 25 डिग्री सेल्सियस तक जाने का अनुमान है।

मुंगेशपुर में 44 के पार पहुंचा पारा
मौसम विभाग के मुताबिक मुंगेशपुर इलाका सर्वाधिक गर्म रहा। यहां अधिकतम 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। नजफगढ़ व पीतमपुरा में 44.2, जाफरपुर में 43.7, पालम व आया नगर में 43.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया।

हवा की गति कम होने से बढ़ा प्रदूषण
राजधानी में हवा की गति कम होने व प्रदूषण के कारण गुरुवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 235 दर्ज किया, जो खराब श्रेणी है। भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक, बृहस्पतिवार को औसत 4 से 12 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवा उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर से चली। सीपीसीबी के अनुसार, एनसीआर में ग्रेटर नोएडा का सबसे अधिक 306 एक्यूआई रहा जो बेहद खराब श्रेणी है। नोएडा में 242, गुरुग्राम में 228, फरीदाबाद में 220 व गाजियाबाद में 200 एक्यूआई दर्ज किया गया।

रिकॉर्ड 6780 मेगावाट तक पहुंची बिजली की मांग

भीषण गर्मी के साथ बढ़ती बिजली की मांग ने भी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। गुरुवार को दिल्ली में 6780 मेगावाट तक बिजली की मांग दर्ज की गई, जबकि पिछले साल मई में अधिकतम बिजली की मांग 5781 मेगावाट थी। दोपहर 3:26 बजे बिजली की मांग सबसे अधिक रही। बिजली कंपनियों ने अधिकतम बिजली की मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया।

इस वर्ष बिजली की मांग 8000 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है। पिछले महीने दिल्ली की अधिकतम बिजली की मांग 3809-5447 मेगावाट के बीच थी। पिछले साल इसी महीने की तुलना करें तो बिजली मांग 3388-5422 मेगावाट के बीच थी। टाटा पावर का कहना है कि एसी, कूलर का जयादा इस्तेमाल होने से बिजली की खपत में वृद्धि हुई। बृहस्पतिवार को पीक मांग पूरी की गई, जो इस सीजन की सर्वाधिक मांग थी। गर्मी के वर्तमान मौसम के लिए रोहिणी व रानी बाग में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) की व्यवस्था की गई है। जो निर्बाध बैक-अप प्रदान करता हैं। यह संपूर्ण व्यवस्था गर्मी की किसी भी पीक डिमांड से निपटने में सक्षम है।

 

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