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अमित शाह, डिंपल यादव से लेकर शरद पवार की बेटी और बहू तक, तीसरे चरण की हॉट सीटों पर कैसा रहा मतदान?

by Nikhil

लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण का मतदान आज खत्म हो गया। 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 93 सीटों पर कुल 1331 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। इन 93 सीटों में से कई ऐसी हैं, जहां से दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर रही है।

लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण के लिए मंगलवार को मतदान खत्म हो गया। तीसरे दौर में 11 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की 93 सीटों पर वोटिंग हुई। जिन सीटों पर मतदान हुआ है, उनमें से कई सीटें ऐसी हैं जहां से दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर रही है। इनमें गांधीनगर से गृह मंत्री अमित शाह, राजगढ़ से मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, सात केंद्रीय मंत्री और पांच पूर्व मुख्यमंत्री शामिल हैं। आइये जानते हैं तीसरे चरण की ऐसी ही 15 हॉट सीटों के बारे में…

अमित शाह: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुजरात की गांधीनगर सीट से एक बार फिर से चुनाव मैदान में हैं। शाह 2019 में यहां से जीते थे। इस बार उनका मुकाबला कांग्रेस की सोनल पटेल से है। सोनल गुजरात महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रह चुकी हैं। 2019 में गांधीनगर लोकसभा सीट पर 69.3% मतदान हुआ था।

ज्योतिरादित्य सिंधिया: हर बार की तरह गुना लोकसभा सीट की इस चुनाव में एक चर्चित सीट बनी हुई है। गुना लोकसभा सीट से भाजपा की तरफ से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया चुनावी मैदान में हैं। नागरिक उड्डयन और इस्पात मंत्री सिंधिया अभी मध्य प्रदेश से भाजपा के राज्यसभा सांसद हैं। इस चुनाव के लिए कांग्रेस ने सिंधिया के सामने राव यादवेंद्र सिंह यादव को अपना प्रत्याशी बनाया है। 2019 लोकसभा चुनाव में गुना सीट पर भाजपा के उम्मीदवार डॉ. केपी यादव ने कांग्रेस के टिकट पर उतरे ज्योतिरादित्य सिंधिया को हराया था। उस चुनाव में यहां 73% मतदान दर्ज किया गया था।

डिंपल यादव: इस लोकसभा चुनाव में मुलायम परिवार के पांच सदस्य चुनावी किस्मत आजमा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव मैनपुरी से सपा की उम्मीदवार हैं। मैनपुरी लोकसभा सीट इस चुनाव में खूब चर्चा में है। यहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपने-अपने प्रत्याशियों के पक्ष में चुनाव प्रचार किया है। इस चुनाव में सपा से डिंपल यादव, भाजपा से जयवीर सिंह और बसपा से शिव प्रसाद यादव मैदान में हैं। 2019 लोकसभा चुनाव में मैनपुरी सीट पर मुलायम सिंह यादव जीते थे। उस चुनाव में यहां 58.5% मतदान दर्ज किया गया था।

दिग्विजय सिंह: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह इस बार भी लोकसभा चुनाव में उतरे हैं। वह राजगढ़ लोकसभा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी हैं। वहीं भाजपा की तरफ से रोडमल नागर भाजपा उम्मीदवार हैं। 2019 लोकसभा चुनाव में राजगढ़ सीट पर भाजपा के उम्मीदवार रोडमल नागर ने सफलता हासिल की थी। उस चुनाव में यहां 77% मतदान दर्ज किया गया था।

बदरुद्दीन अजमल: असम में भाजपा और कांग्रेस के अलावा एक तीसरा प्रमुख दल ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) है।  पार्टी के नेता बदरुद्दीन अजमल भी इस चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। अजमल धुबरी सीट से एआईयूडीएफ के उम्मीदवार हैं और उनका सामना असम गण परिषद (एजीपी) के जावेद इस्लाम और कांग्रेस के रकीबुल हुसैन से है। एजीपी असम में एनडीए गठबंधन का हिस्सा है। अजमल 2019 में यहां से जीते थे। पिछले चुनाव में धुबरी लोकसभा सीट पर 90.66% वोटिंग हुई थी।

शिवराज सिंह चौहान: इस लोकसभा चुनाव में विदिशा लोकसभा सीट खास बनी हुई है। इस सीट पर भाजपा ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपना उम्मीदवार बनाया है। शिवराज मुख्यमंत्री बनने से पहले इसी सीट का प्रतिनिधित्व किया करते थे। अब अरसे बाद फिर शिवराज विदिशा के चुनाव मैदान में उतरे हैं और इस बार उनका सामना कांग्रेस के प्रताप भानू शर्मा से है। भाजपा के रमाकांत भार्गव 2019 में यहां से जीतकर संसद पहुंचे थे। पिछले चुनाव में विदिशा सीट पर 74% वोटिंग दर्ज की गई थी।

प्रह्लाद जोशी: जिन मंत्रियों की सियासी किस्मत इस चरण में दांव पर है उनमें प्रह्लाद जोशी भी शामिल हैं। केंद्रीय कोयला एवं संसदीय कार्य मंत्री कर्नाटक की धारवाड़ सीट से भाजपा के प्रत्याशी हैं। यहां कांग्रेस ने पार्टी के युवा नेता विनोद आसुती को उतारा है। भाजपा के प्रह्लाद जोशी 2019 में यहां से जीतकर संसद पहुंचे थे। पिछले चुनाव में धारवाड़ सीट पर 72.1% वोटिंग दर्ज की गई थी।

सरोज पांडे: छत्तीसगढ़ की चर्चित सीटों में कोरबा की चर्चा है। यहां से भाजपा ने सरोज पांडे को अपना उम्मीदवार बनाया है। सरोज इससे पहले छत्तीसगढ़ से भाजपा की राज्यसभा सांसद रह चुकी हैं। इस चुनाव में उनका सामना कांग्रेस की ज्योत्सना चरणदास महंत से होगा। ज्योत्सना 2019 में यहां से जीती थीं। ज्योत्सना छत्तीसगढ़ के नेता प्रतिपक्ष और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष चरण दास महंत की पत्नी हैं। पिछले चुनाव में कोरबा लोकसभा सीट पर 86.3% मतदान दर्ज किया गया था।

श्रीपद येस्सो नाइक: तीसरे चरण में जिन केंद्रीय मंत्रियों का चुनावी भविष्य दांव पर है, उनमें केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग और पर्यटन राज्य मंत्री श्रीपद येस्सो नाइक भी शामिल हैं। नाइक भाजपा के टिकट पर उत्तर गोवा से चुनाव लड़ रहे हैं। उनके सामने कांग्रेस ने रमाकांत खलप को उतारा है। पूर्व लोकसभा सदस्य खलप गोवा के उप-मुख्यमंत्री रह चुके हैं। 2019 लोकसभा चुनाव में उत्तर गोवा सीट से श्रीपद येस्सो नाइक को जीत मिली थी। उस चुनाव में यहां 79.9% मतदान दर्ज किया गया था।

परषोत्तम रूपाला: पिछले कुछ समय से इस नाम की खूब चर्चा हुई है। दरअसल, केंद्रीय मंत्री परषोत्तम रूपाला ने क्षत्रिय समाज की महिलाओं के बारे में टिप्पणी की थी जिसके बाद से राज्यभर में उनका विरोध होने लगा। हालांकि, विरोध के बीच केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री ने माफी मांग ली है। गुजरात से राज्यसभा सांसद रहे रूपाला इस लोकसभा चुनाव में राजकोट सीट से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। उनका सामना कांग्रेस के परेश धनानी से है। भाजपा के कुंदरिया मोहनभाई कल्याणजीभाई 2019 में यहां से जीते थे। पिछले चुनाव में राजकोट लोकसभा सीट पर 66.0% मतदान दर्ज किया गया था।

मनसुख मांडविया: महात्मा गांधी की जन्मस्थली पोरबंदर में भाजपा के उम्मीदवार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया हैं। मांडविया अभी तक गुजरात से राज्यसभा के सांसद थे। इस चुनाव में उनका मुकाबला कांग्रेस के ललितभाई वसोया से है। भाजपा के रमेशभाई लवजीभाई धाडुक 2019 में यहां से जीते थे। पिछले चुनाव में पोरबंदर सीट पर 58.9% मतदान हुआ था।

सुनेत्रा पवार बनाम सुप्रिया सुले: महाराष्ट्र की बारामती सीट पर रिश्ते में ननद भौजाई का राजनीतिक मुकाबला दिलचस्प है। यहां राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-अजित पवार खेमा) ने सुनेत्रा पवार को लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है। सुनेत्रा महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी हैं। वहीं, सुनेत्रा के खिलाफ उनकी ननद सुप्रिया सुले चुनाव मैदान में हैं। सुप्रिया शरद पवार की बेटी हैं। बारामती लोकसभा क्षेत्र की मौजूदा सांसद एनसीपी (शरद चंद्र पवार) की सुप्रिया सुले हैं। 2019 में बारामती सीट पर सुप्रिया ने भाजपा के कंचन राहुल कूल को हराया था। पिछले चुनाव में इस सीट पर 64.8% वोटिंग दर्ज की गई थी।

नारायण राणे: महाराष्ट्र की रत्नागिरि-सिंधुदुर्ग सीट पर भी लड़ाई रोचक है। यहां से भाजपा ने केंद्रीय मंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे को उतारा है। इससे पहले राणे महाराष्ट्र से भाजपा के राज्यसभा सांसद थे। वह कोंकण के कुडाल विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक भी रह चुके हैं। इस चुनाव में केंद्रीय मंत्री का मुकाबला शिवसेना (उद्धव गुट) के दो बार के सांसद विनायक राउत से है। 2019 लोकसभा चुनाव में रत्नागिरि-सिंधुदुर्ग सीट पर शिवसेना के विनायक राउत ने सफलता हासिल की थी। उस चुनाव में यहां 65.6% मतदान दर्ज किया गया था।

जगदीश शेट्टार: कर्नाटक भाजपा के अनुभवी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार की चुनावी किस्मत का फैसला भी इसी चरण में होना है। पिछले साल विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने के बाद शेट्टार भाजपा छोड़कर कांग्रेस में चले गए थे। हालांकि, लोकसभा चुनाव से पहले शेट्टार अपनी पुरानी पार्टी में लौट आए। पार्टी ने उन्हें बेलगाम से मैदान में उतारा है। उनके सामने कांग्रेस ने मृणाल हेब्बालकर को अपना उम्मीदवार बनाया है। वह कर्नाटक की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी हेब्बालकर के बेटे हैं। भाजपा के मंगला अंगदी 2019 में बेलगाम से जीते थे। पिछले चुनाव में बेलगाम सीट पर 69.1% मतदान दर्ज किया गया था।

बसवराज बोम्मई: कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई इस लोकसभा चुनाव में हावेरी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लिंगायत समुदाय से ताल्लुक रखने वाले बोम्मई अभी कर्नाटक की शिग्गांव विधानसभा सीट से भाजपा के विधायक हैं। इस चुनाव में उनका मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी आनंदस्वामी गड्डादेवरमथ से है। आनंदस्वामी पूर्व कांग्रेस विधायक जीएस गद्दादेवरामथ के बेटे हैं। भाजपा के एससी उदासी 2019 में यहां से जीते थे। पिछले चुनाव में हावेरी सीट पर 75.8% मतदान हुआ था।

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