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अब जब केदारनाथ के बाद कन्याकुमारी है, वहाँ पीएम मोदी ध्यान लगा सकते हैं।

by Nikhil

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मई को होशियारपुर, पंजाब में एक रैली करने के बाद तमिलनाडु के लिए रवाना होंगे। रात्रि आराम के बाद, पीएम मोदी 31 मई को कन्याकुमारी जाएंगे। वहां, प्रधानमंत्री विवेकानंद रॉक मेमोरियल पर ध्यान कर सकते हैं। इससे पहले, पीएम मोदी ने 2019 चुनाव के अंतिम चरण के मतदान के समय केदारनाथ जाकर रुद्र गुफा में ध्यान किया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मई को होशियारपुर, पंजाब में एक रैली करने के बाद तमिलनाडु के लिए रवाना होंगे। रात्रि आराम के बाद, पीएम मोदी 31 मई को कन्याकुमारी जाएंगे। वहां, प्रधानमंत्री विवेकानंद रॉक मेमोरियल पर ध्यान कर सकते हैं। इससे पहले, पीएम मोदी ने 2019 चुनाव के अंतिम चरण के मतदान के समय केदारनाथ जाकर रुद्र गुफा में ध्यान किया था।

लोकसभा चुनाव-2024 अपने अंतिम चरण पर है। सातवें और आखिरी चरण की वोटिंग 1 जून को होगी। इस बार के चुनाव में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शानदार रैलियां की। उन्होंने दिन में 4-4 चुनावी जनसभाओं को संबोधित किया। पीएम मोदी की आखिरी रैली 30 मई को होगी, जो इस चुनाव के लिए महत्वपूर्ण है। यही वह दिन होगा जब प्रचार अंतिम चरण के लिए रुक जाएगा। रैली के बाद पीएम मोदी तमिलनाडु जाएंगे। रात्रि आराम के बाद पीएम कन्याकुमारी जाएंगे, जहां वह विवेकानंद रॉक मेमोरियल पर ध्यान कर सकते हैं।

1. प्रधानमंत्री ने 30 मई को सुबह 11 बजे होशियारपुर, पंजाब में चुनावी सभा को संबोधित किया। उसके बाद उनका तमिलनाडु जाने का कार्यक्रम है, जहां वे रात्रि विश्राम करेंगे।
2. पीएम के आधिकारिक कार्यक्रम में 31 मई और 1 जून का कोई ऐलान नहीं किया गया है।
3. प्रधानमंत्री मोदी ने 2019 के चुनाव के अंतिम चरण के मतदान के समय केदारनाथ गए थे, जहां उन्होंने रुद्र गुफा में ध्यान किया था।

स्वामी विवेकानंद का यात्रा से जुड़ा इतिहास:
1. उन्होंने 1893 में अमेरिका के शिकागो में विश्व धर्म सभा में भाग लिया था।
2. उनका वहां का भाषण पूरी दुनिया में मशहूर हुआ।
3. पहले उन्होंने कन्याकुमारी का दौरा किया, जहां उन्हें एक विशाल शिला ने प्रेरित किया।
4. वहां उन्होंने अपने जीवन के लक्ष्य को समझा और नरेंद्र, विवेकानंद बने।

1970 में इस शिला के पास स्वामी विवेकानंद को समर्पित एक भव्य स्मृति भवन का निर्माण हुआ। इसमें चार मंडप हैं और इसकी आर्किटेक्चर डीटेल एंटीक स्टाइल की है। इसमें एक 70 फीट ऊंचे गुंबद है, जो लाल और नीले ग्रेनाइट से बना है। यह स्थान 6 एकड़ में फैला है।

इस भवन के अंदर 4 फीट ऊंची प्लैटफॉर्म पर स्वामी विवेकानंद की एक बड़ी मूर्ति भी है, जो कांसे से बनी है और उसकी ऊंचाई करीब साढ़े 8 फीट है। इस चट्टान पर देवी कन्याकुमारी ने भगवान शिव की आराधना करते हुए तप किया था, और उनके पैरों के निशान भी यहां हैं। इसलिए, यह स्थान धार्मिक महत्व रखता है।

इस स्मारक में एक सभा कक्ष भी है, जिसका नाम “नमस्तुभ्यम जगदम्बा” है, और एक सभा मंडप भी है।

यह मेमोरियल एकता का प्रतीक है, क्योंकि पूरे देश ने इसके लिए काम किया और योगदान दिया। इसके उद्घाटन में सभी राज्यों से लोग शामिल हुए। इस स्मारक को कच्ची कामकोटि पीठम के परमाचार्य ने डिजाइन किया था और जिसके लिए चिन्मय मिशन के स्वामी चिन्मयानंद ने पहला दान दिया था। इसके लिए सभी राज्य सरकारों और केंद्र सरकार ने योगदान दिया।

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